MBBS इंटर्न का मानदेय ₹25 हजार, BAMS अब भी ₹15 हजार पर क्यों? उत्तराखंड में उठी समानता की मांग

हरिद्वार/देहरादून। उत्तराखंड में MBBS इंटर्न्स के मानदेय में बढ़ोतरी के बाद अब BAMS इंटर्न्स ने भी अपने स्टाइपेंड को लेकर आवाज उठाई है। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े BAMS इंटर्न छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे हैं और उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने की मांग की है।

वर्तमान में BAMS इंटर्न्स को ₹15 हजार प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। वहीं, प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह किए जाने के बाद दोनों के बीच ₹10 हजार प्रतिमाह का अंतर हो गया है।

BAMS vs MBBS Intern Stipend in Uttarakhand

MBBS का बढ़ा मानदेय, अब BAMS इंटर्न्स की मांग

11 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों—श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा और हरिद्वार—के MBBS इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया था।

इसके बाद BAMS इंटर्न्स ने भी अपने मानदेय की समीक्षा की मांग उठाई है। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर में छात्र-छात्राओं ने धरना शुरू कर सरकार से BAMS इंटर्न्स का मानदेय भी ₹25 हजार प्रतिमाह करने की मांग की है।

BAMS इंटर्न्स का कहना- इंटर्नशिप सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं

धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उनकी भूमिका केवल प्रशिक्षण लेने तक सीमित नहीं रहती। उनके अनुसार वे अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कार्यों में भाग लेते हैं। इसके अलावा भर्ती मरीजों की देखभाल, मरीजों का विवरण तैयार करने और उपचार प्रक्रिया में चिकित्सकों के सहयोग जैसे कार्य भी करते हैं।

BAMS vs MBBS Intern Stipend in Uttarakhand

छात्रों का कहना है कि जब वे अस्पताल की नियमित सेवाओं में अपनी भूमिका निभाते हैं तो उनके मानदेय को लेकर भी स्पष्ट और समान मानदंड होने चाहिए।

वर्ष 2022 में बढ़ा था BAMS इंटर्न का स्टाइपेंड

उत्तराखंड में BAMS इंटर्न्स के मानदेय में पिछली बड़ी बढ़ोतरी वर्ष 2022 में हुई थी। शासनादेश के अनुसार उस समय इंटर्नशिप स्टाइपेंड को ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15 हजार प्रतिमाह किया गया था।

अब MBBS इंटर्न्स का मानदेय ₹25 हजार किए जाने के बाद BAMS इंटर्न्स के सामने भी अपने स्टाइपेंड में संशोधन की मांग सामने आई है।

छात्रों के पोस्टरों में भी उठ रहा सवाल

धरने के दौरान BAMS इंटर्न्स के हाथों में मौजूद पोस्टरों के जरिए सरकार से मानदेय में अंतर का आधार स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। छात्रों का सवाल है कि यदि MBBS इंटर्न्स के मानदेय को ₹25 हजार किया गया है तो BAMS इंटर्न्स के मानदेय की समीक्षा किस आधार पर नहीं की गई।

छात्र यह भी जानना चाहते हैं कि दोनों पाठ्यक्रमों के इंटर्न्स के कार्यभार, ड्यूटी और अस्पतालों में निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों को लेकर सरकार ने कोई तुलनात्मक मूल्यांकन किया है या नहीं।

सरकार के सामने BAMS इंटर्न्स के सवाल

BAMS इंटर्न्स की मांग के बाद सरकार के सामने मुख्य रूप से ये सवाल हैं—

  • MBBS इंटर्न्स का मानदेय ₹25 हजार करने का आधार क्या है?
  • BAMS इंटर्न्स के लिए मानदेय अभी भी ₹15 हजार क्यों है?
  • क्या दोनों पाठ्यक्रमों के इंटर्न्स के कार्यभार और जिम्मेदारियों का तुलनात्मक मूल्यांकन किया गया है?
  • वर्ष 2022 के बाद BAMS इंटर्न्स के स्टाइपेंड की दोबारा समीक्षा कब होगी?
  • क्या सरकार BAMS इंटर्न्स का मानदेय भी ₹25 हजार करने पर विचार कर रही है?

सिर्फ ₹10 हजार का अंतर नहीं, नीति पर भी सवाल

BAMS इंटर्न्स की मांग केवल मानदेय में ₹10 हजार के अंतर तक सीमित नहीं है। छात्र मानदेय निर्धारित करने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी मानदंड तय किए जाने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल BAMS इंटर्न्स की मांग स्पष्ट है कि उनका मानदेय ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह किया जाए। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और दोनों पाठ्यक्रमों के इंटर्न्स के मानदेय में मौजूद अंतर को लेकर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है

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