ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा क्यों टला? मेरठ-वाराणसी कार्यक्रम स्थगित, SIR विवाद के बीच बढ़ी चर्चा

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा स्थगित होने के बाद चुनाव आयोग एक बार फिर चर्चा में है। ज्ञानेश कुमार को मेरठ और वाराणसी में युवा मतदाताओं से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होना था, लेकिन दोनों कार्यक्रमों को फिलहाल टाल दिया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग के भीतर SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आई है।

हालांकि, कार्यक्रम स्थगित होने के बाद इसे SIR विवाद से जोड़कर कई सवाल उठने लगे। दूसरी ओर, चुनाव आयोग के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रमों को स्थगित करने का मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है। यही वजह है कि ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा क्यों टला, यह सवाल अब खबरों और सोशल मीडिया चर्चा में बना हुआ है।

CEC Gyanesh Kumar UP visit postponed amid SIR controversy

मेरठ और वाराणसी में होने वाले थे कार्यक्रम

रिपोर्टों के मुताबिक CEC ज्ञानेश कुमार को मेरठ और वाराणसी में मतदाता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। इन कार्यक्रमों का फोकस खास तौर पर युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से संवाद पर था।

इन्हें Election Commission के Electoral Literacy Club (ELC) 2.0 कार्यक्रम से जोड़ा गया था। मेरठ का कार्यक्रम 25 सितंबर और वाराणसी का कार्यक्रम 28 सितंबर को प्रस्तावित था। बाद में दोनों कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए।

SIR विवाद के बीच क्यों बढ़ी चर्चा?

ज्ञानेश कुमार के कार्यक्रम स्थगित होने का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया को लेकर कई सवाल सार्वजनिक हुए थे।

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और SIR से जुड़े फैसलों को लेकर आंतरिक मतभेदों का उल्लेख किया गया है।

इन खबरों के बाद CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हुई है। हालांकि, इन रिपोर्टों में सामने आए आरोप और आपत्तियां अपने-आप में किसी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष का प्रमाण नहीं हैं।

CEC Gyanesh Kumar UP visit postponed amid SIR controversy

चुनाव आयोग ने कार्यक्रम टलने पर क्या कहा?

कार्यक्रम स्थगित होने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि क्या इसका संबंध आयोग के अंदर चल रही बहस से है। लेकिन चुनाव आयोग के सूत्रों ने इस संबंध से इनकार किया है।

Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाले दोनों voter-awareness programmes को स्थगित करने का हालिया विवाद से कोई संबंध नहीं है।

यानी फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि कार्यक्रम SIR विवाद की वजह से ही टाले गए हैं।

CEC Gyanesh Kumar UP visit postponed amid SIR controversy

सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा SIR से जुड़ा मामला

इसी बीच 25 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR से संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए जाने की खबर सामने आई। याचिका में SIR से जुड़े कुछ फैसलों को चुनौती देने और जांच की मांग की गई है।

CEC Gyanesh Kumar UP visit postponed amid SIR controversy

SIR को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक बहस को और बढ़ा दिया है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश दौरे को दोबारा कब तय किया जाता है और आयोग SIR से जुड़े विवादों पर आगे क्या स्पष्टीकरण देता है।

चुनाव आयोग देश में चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए संवैधानिक संस्था है। आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।

ऐसे में आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेद से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी।